अगर भारत और पाकिस्तान में युद्ध हुआ तो पाक टिक भी नही पाएगा


भारत का
गुस्सा पुलवामा हमले पर बहुत तेज है। तो पाकिस्तान फिर आतंकियों को बचाने में बड़ेबुजुर्ग
कहते हैं कि कुछ बोलने से पहले कुछ सोच लेना चाहिए मगर पाकिस्तान के PM इमरान खान ने सोचने की ज़हमत ही नहीं उठाई. बस बोल दिया।पाकिस्तान
के PM ने बोल दिया अगर भारत ने
उसके खिलाफ कोई कार्रवाई की तो वो चुप नहीं बैठेगा और ना ही सोचेगा बल्कि जवाब
देगा. लेकिन पाक पीएम ये भूल गए कि उसका मुकाबला भारत से है, जो सैन्य शक्ति के मामले में पाकिस्तान से कहीं ज्यादा आगे है. भारत की
सैन्य क्षमता के मुकाबले पाकिस्तानी फौज के पास कुछ भी नहीं है.इन आंकड़ों पर जो
सच आपके सामने ले आएंगे. भारत के पास 13 लाख से
ज़्यादा सशस्त्र बल हैं. वहीं पाकिस्तान के पास ये तादाद सिर्फ 6 लाख है. भारत के पास 13 कोर में से तीन मारक सेना है. पाकिस्तान
के पास हमला करने के लिए सिर्फ 2 मारक सेना
है. भारत के पास कुल 4000 टैंक हैं जबकि पाकिस्तान के पास कुल 2500 टैंक हैं. भारत के पास 800 लड़ाकू विमान हैं. जबकि पाकिस्तान के पास
400 लड़ाकू विमान हैं. भारत के पास पाकिस्तान
से सटे 12 एयरबेस हैं. उसके उलट पाकिस्तानी
वायुसेना के पास 7 एयरबेस हैं.




बड़े बुज़र्ग कह गए हैं कि बोलने
से पहले सोचना चाहिए. थिंक बिफोर यू स्पीक. मगर खान साहब ने सोचने की ज़हमत ही
नहीं उठाई. बस बोल दिया. मगर बोलने के बाद जब दोबारा उन्होंने अपनी इसी क्लिप को
देखा होगा तो वो भी हैरान हुए होंगे कि जोश जोश में वो ये क्या बोल गए.यानी हर
मामले में पाकिस्तानी सेना हमारी सेनाओं से कोसों पीछे हैं. यानी तमाम गुस्ताखियों
के बाद भी अगर पाकिस्तान अभी तक वजूद में है तो उसकी वजह है भारत की रक्षा नीति.
जिसके तहत भारत कभी किसी पर पहले हमला नहीं करेगा. मगर खान साहब इसका ये मतलब भी
नहीं है कि आप ख्याली पुलाव ही पकाना शुरू कर दें। हालांकि इसमें शक़ नहीं कि
परमाणु बमों के मामले में पाकिस्तान हमसे ज़रूर कुछ आगे है. लेकिन उतनी नौबत आने
से पहले ही पाकिस्तान भारतीय सेनाओं के हाथों तबाह हो चुका होगा. मगर फिर भी सवाल
ये है कि अगर भारत-पाक के बीच जंग छिड़ती है और ये परमाणु जंग में तब्दील होती है
तो उसके नतीजे क्या होंगे.

एक हफ्ते में मारे जाएंगे दो
करोड़ दस लाख लोग. आधे से ज्याद उसी वक्त बम की तपिश से जल जाएंगे. बाकी जो बचेंगे
वो रेडिएशन से मारे जाएंगे. दुनिया की आधी ओज़ोन परत बर्बाद हो जाएगी. यानी
सर्दी-गर्मी का मौसम ही खत्म हो जाएगा. वनस्पतियों और पेड़-पौधों का निशान तक मिट
जाएगा. आधी दुनिया के दो अरब लोग भूख से मर जाएंगे. दुनिया का एक बड़ा हिस्सा 'परमाणु सर्दी' से तबाह हो जाएगा



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