अभिनन्दन की वतन वापिसी पर , पाकिस्तान घिरा कई सवालों में




भारतीय वायु सेना के पायलट, विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान शुक्रवार की रात को भारत लौट आए है|  अभिनंदन को पाकिस्तान ने उस वक्त अपने कब्जे में  लिया था, जब उनका लड़ाकू विमान  मिग-21 पाकिस्तानी सीमा में खुस गया और हादसे का शिकार हो गया था| 
अभिनंदन की अगवानी सीमा सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारियों ने बाघा बॉर्डर पर की| अभिनंदन को शून्य रेखा (भारत-पाक सीमा पर नो मैंस जोन) पर रिसीव किया गया|
अटारी सीमा पर शुक्रवार सुबह से ही लोगों की काफी भीड़ जमा होने लग गयी थी| लोग हिंदुस्तानि वीर अभिनंदन के इंतजार में पलके  बिछाये उनका इंतजार में लगे रहे | और ये इंतजार भी काफी लम्बा रहा| इससे पहले पाकिस्तान की ओर से राजनीति के बहुत दांव पेंच खेले गए| 
लेकिन किस्मत और भाग्य को कोई नहीं बदल सकता| क्युकी करोड़ो देश वासियों का प्यार और आशीर्वाद उनके साथ था| हालांकि, अभिनंदन की वतन वापसी इतनी आसान नही रही क्योंकि पाकिस्तान ने उन्हें भारत भेजने से पहले कई बार समय बदले|  देर इसलिए हुई क्योंकि पाकिस्तान हिंदुस्तानियों के इस उत्साह को तमाशे में बदलना चाहता था| 
 वो चाहता था कि जब अभिनंदन को हमें सौंपे तो उसे दुनिया को दिखाने का मौका मिले| . वो चाहता था कि वाघा-अटारी सीमा पर शाम के बीटिंग रिट्रीट समारोह के दौरान विंग कमांडर अभिनंदन को भारत के सुपुर्द किया जाए लेकिन भारत ने दो टूक कह दिया कि ऐसा करने का सवाल ही नहीं उठता| 
आखिर हिंदुस्तान अपने वीर की वापसी को तमाशे में कैसे बदलने देता| विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी हुकूमत को साफ संदेश भेजा कि आप उतना ही कीजिए जितना जिनेवा की संधि कहती है. न उससे कम और न उससे ज्यादा
बाकी हम देख लेंगे. बौखलाए पाकिस्तान के सामने इसे स्वीकार करने के सिवा कोई चारा नहीं था. आपको बता दें कि करगिल युद्ध के बाद भी पाकिस्तान फाइटर पायलट नचिकेता को मीडिया के सामने भारत को सौंपना चाह रहा था लेकिन भारत से साफ इनकार कर दिया था. इस बार भी भारत ने उसे साफ समझा दिया है कि जब भी देश की बात आएगी, सेना की बात आएगी, शौर्य की बात आएगी, भारत पाकिस्तान के साथ कोई मुरव्वत नहीं बरतने वाला.

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